eSim Kya Hai ? eSim के बारे में जाने पूरी जानकारी हिंदी में

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What is eSim in Hindi – पिछले काफी समय से एक से बढ़कर एक Technology Upgrade देखने को मिल रहे हैं। Smartphone और Telecommunication के सेक्टर में भारत में एक अलग ही प्रतिस्पर्धा बनी हुई हैं।

कम्पनिया अपने ग्राहकों की संख्या बढ़ाने के लिए और अपने Products को बेचने के लिए नई-नई Technology ला रही हैं। मजे की बात तो यह हैं की यह सारा काम जितना सस्ते में हो सकते उतना सस्ते में किया जा रहा हैं।

यानी की कम्पनिया कम Prices में अच्छी Technology लोगो को दे रही हैं जिसका फायदा सीधा लोगो को हो रहा है। पिछले साल iPhone X के अपग्रेड वर्जन यानी की iPhone X Max और iPhone XS रिलीज हुए थे।

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iPhone X की तरह ही लोगो ने इन्हें भी खूब प्यार दिया और इन Products से भी भारत से Apple ने जमकर कमाई की। इस बार Apple ने कुछ अलग करके दिखाया था। दरअसल Apple ने इस बार अपने फ़ोन में Dual Sim का सपोर्ट दिया लेकिन इनमे से एक सिम Virtual थी यानी की eSim थी।

आप इन Phones में 2 सिम तो Use कर सकते हो लेकिन उसमे से एक Sim Virtual होगी। इसे eSim कहते हैं। Apple के बाद काफी सारी कम्पनियो ने ई-सिम की फैसिलिटी उपलब्ध करवाई है। ऐसे ने हर कोई जानना चाहता हैं की eSim क्या होती हैं और eSim कैसे काम करती हैं?

आज का हमारा यह लेख eSim पर ही आधारित हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे की eSim क्या होती हैं और यह कैसे काम करते हैं। इसके अलावा हम यह भी जानेंगे की eSim पारम्परिक Sim से किस तरह से अलग हैं? तो चलिए बिना देरी किये शुरू करते हैं।

eSim Kya Hai ? eSim क्या होती हैं ? What is eSim in Hindi

पिछले काफी समय से ऐसे ही स्मार्टफोन सामने आ रहे जिनमे embedded Sim Card का Support आ रहा हैं। embedded Sim Card को टेलीकॉम सेक्टर का Future कहा जा रहा है। अगर आप eSim की Full Form जानना चाहते हैं तो बता दे की embedded sim card को ही eSim कहते है।

eSim को समझना काफी आसान हैं। eSim को एक तरह से हम Virtual Sim कह सकते हैं। eSim को हम Mobile के अंदर ही रहने वाली Internal Sim कह सकते हैं। यानी की ई-सिम के उपयोग के लिए हमे किसी दुकान पर जाकर एक Card को खरीदने की जरूरत नहीं हैं।

एक समय ऐसा था जब Nano Sim का क्रेज चला था उस समय पर सभी लोग बाजारों में जाकर अपनी पुरानी Sim को कटवा रहे थे। कंपनी वालों ने भी Sim को छोटा करना शुरू कर दिया। अब तो Nano Sim का जमाना भी आ चुका हैं।

अब Sim की साइज काफी छोटी हो चुकी हैं। लेकिन आखिर इस कार्ड की जरूरत ही क्या हैं जब हम Virtual Sim का उपयोग कर सकते हैं। यह एक नई टेक्नोलॉजी हैं जिसके उपयोग से हम बिना कार्ड के भी Sim के सारे Features का उपयोग कर सकते हैं।

यानी की जिस तरह हम बिना Cash के भी PayTm काफी के उपयोग से Cash का सभी काम कर सकते हैं उसी तरह से बिना Sim Card के भी Sim के सभी Features का उपयोग कर सकते हैं।

यह बिल्कुल उसी तरह से हैं जैसे की अब Memory Card की जगह पर इंटरनल स्टोरेज और Google Drive आदि का उपयोग करते हैं। एक समय था जब हम चिट्ठी भेजा करते थे लेकिन अब उन चीजो के जमाने जा चुका है और अब हम एक दूसरे को संदेश भेजने के लिए Email या फिर Whatsapp आदि का उपयोग करते हैं।

इसी तरह से ई-सिम भी काम करता हैं। हम ई-सिम में भी Sim की तरह ही रिचार्ज कर सकते जी और उसका उपयोग कर सकते हैं। इसकी मदद से हम Internet का उपयोग कर सकते है, Call कर सकते है और वह सभी काम कर सकते हैं जो एक Sim Card से किया जाता हैं।

तो अब तक आप यह तो समझ ही चुके हैं की eSim Kya Hoti Hai और अब यह जानते हैं की आखिर यह नई तकनीक यानी की ‘eSim काम कैसे करती हैं‘? तो चलिए जानते हैं eSim Ki Working Process in Hindi

eSim कैसे काम करती हैं ? How an eSim Works in Hindi ?

यह बात तो हम सभी जानते हैं की बिना Sim Card के Mobile कोई खास काम का नहीं होता। भले बात आज की हो या यह से 20 साल पहले की, लेकिन बिना Sim के Mobile Phone हमेशा अधूरा ही होता हैं।

Sim मोबाइल के लिए जरूरी होती हैं वरना हम Mobile से किसी अन्य से बात नहीं कर पाएंगे और ना ही Internet का यूज़ कर पाएंगे। ई-सिम एक तरह से सिम का नया वर्जन है या फिर कहे एक नई टेक्नोलॉजी हैं। eSim के काम करने की प्रक्रिया को समझना बहुत आसान हैं।

हमारी पारम्परिक Sim में एक तरह की Cheap होती हैं। इसे हम एक Hardware कह सकते हैं। अगर इस Hardware को हम पहले से ही हमारे Phone में लगा दे तो हमे Sim की कोई जरूरत नहीं होगी।

लेकिन अगर कभी Sim बदलनी हो तो! सीधी सी बात हैं, Mobile में Add करते समय इस Hardware को कुछ इस तरह से डिज़ाइन किया जाता हैं की इसे Rewrite किया जा सके। यानी की हम एक eSim से दूसरी eSim को भी Replace कर सकते हैं।

eSim से एक बड़ा फीस यह हैं की एक बार eSim को अपने फ़ोन में Add करने के बाद हमे इसे Store करने से जुड़ी कोई दिक्कत नहीं आती हैं। इसके अलावा हमारे Phone में जो Space Sim को लगाने में यूज़ होता था वह Space भी बचाया जा सकता हैं।

यह बात हमे भले ही साधारण सी लगती हैं लेकिन Smartphone कम्पनियो के लिए Nano Technology के इस जमाने में यह बात बहुत मायने रखती हैं। eSim का उपयोग न केवल Mobiles में बल्कि दूसरे डिवाइज जैसे की Fitness Bands, Smartwatches आदि में भी किया जा सकता हैं।

क्योंकि eSim का उपयोग करते हुए हम डिवाइज में काफी सारी जगह बचा सकते हैं। बता दे की Apple की नई SmartWatches में भी eSim Technology का ही प्रयोग किया जा रहा हैं। इसके अलावा iPad के भी कई सारे मॉडल में eSim का उपयोग समझा जा रहा हैं।

eSim पारम्परिक Sim से कैसे अलग हैं ?

जब से eSim का नाम ट्रेंडिंग में आया है तब से ही लोग यह जानना चाहते हैं की आखिर यह Traditional Sim से कैसे अलग हैं। यह बात समझना काफी आसान हैं। दरअसल eSim काम तो सारे वही करती हैं जो एक ट्रेडिशन Sim Card करती हैं लेकिन यह हमारे Mobile के अंदर पहले से ही Insert होती हैं। ई-सिम को खरीदने के लिए हमे किसी दुकान पर नहीं जाना होता।

इसे हम Internal Sim भी कह सकते हैं जिसके लिए किसी Card Slot की जरूरत नहीं होगी। अब बात आती हैं की अगर हमे कभी Sim को या फिर ऑपरेटर को Change करना हो तो हम कैसे करेंगे। यह काफी आसान हैं। इसके लिए हमे किसी दुकान या ऑपरेटर के पास जाकर सिम खरीदने की जरूरत नहीं हैं।

इसके लिए बस आपको आपके Network ऑपरेटर के द्वारा ई-सिम को Activate करने की जो Online Process दी गयी हैं उसे Follow करना होता है और अपनी Authentication करनी होती हैं। इसके बाद आप अपने ऑपरेटर के App को Download करके अपने ई-सिम Card को Activate कर सकते हो।

आपके फ़ोन के अंदर जो Internal Sim Card होती हैं उसके Data को Rewrite किया जा सकता हैं जिस वजह से आप बार बार अपनी Sim Change कर सकते हो। अतः आप आसानी से eSim बदल सकते हो।

So Guys, आज के इस लेख में हमने ई-सिम के बारे में बात की और जाना की eSim Kya Hai और eSim कैसे काम करती हैं। अगर आपको अब भी eSim दे जुड़ी हुई कोई भी जानकारी प्राप्त करनी है तो आप हमे Comment के माध्यम से पूछ सकते हैं। धन्यवाद !

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