Blogger Ke Liye Motivation Ex. Cricketer Kuldeep Yadav

16

Blogging Career को एक मुकाम पर ले जाने के लिए हम सभी Bloggers कितनी चुनौतियों का सामना करते है यह हम ही अच्छे से समझ सकते है. इन चुनौतियों के सामने कई बार लोग घुटने भी टेक देते हैं और निराश हो कर Blogging को छोड़ जाते है.

आज Hindi Panda का यह पोस्ट ऐसे ही नये Bloggers के लिए है जिन्हें सफलता नहीं मिल रही और दिन प्रतिदिन वह हताश होते जा रहे है.

हम सभी Bloggers की जिन्दगी में एक कठिन समय ऐसा भी होता है जब हम अपनी जी जान से मेहनत कर रहे होते है लेकिन हमे महीनो तक कुछ नहीं मिलता. जो व्यक्ति इस समय में हिम्मत और लगन से काम करता रहता है वह देर से ही सही लेकिन सफल जरुर होता है. इसके लिए कई बड़े Bloggers के उधाहरण हमारे सामने है.

लेकिन .. यदि आप अपनी महीनो की मेहनत को शुरू से ही पैसों में तोलना चाहते है और सोचते है आपको सफलता रातों रात मिले तो यह थोडा मुश्किल है. अगर आप भी ब्लॉगिंग की दुनिया में निराशा की ओर बढ़ रहे है तो आइये बात करते है Indian Cricket Team के स्पिन गेंदबाज Kuldeep Yadav की. जिनकी कहानी सुनने के बाद आप में ऊर्जा और अपने Blog के प्रति लगन पुनः बढ़ जाएगी.

क्रिकेट की दुनिया में Kuldeep Yadav आज एक चमकता सितारा है. कुलदीप का करियर अपनी ऊचाइयां छू रहा है. विपक्षी टीम के बल्लेबाज कुलदीप की गूगली के आगे ढेर होते नजर आते है. लेकिन .. क्या आप जानते है , एक समय कुलदीप की जिन्दगी में ऐसा भी आया था जब वह निराश हो कर आत्महत्या करने चल दिए थे.

 

दरअसल , कानपुर के रहने वाले कुलदीप यादव जब 13 साल के थे तो अंडर 15 में चयन न होने के कारण इतने परेशान हो गये की उन्होंने आत्महत्या का मन बना लिया. कुलदीप को अपनी जिन्दगी में सब कुछ उस समय ख़त्म सा नजर आया और लगा की वह क्रिकेट में सफल नही हो सकते.

जबकि आज दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर्स में शुमार कुलदीप चाइनामैन के नाम से जाने जाते है और धोनी के पसंदीदा गेंदबाज है. कुलदीप ने हिन्दुस्तान टाइम्स को इंटरव्यू के दौरान बताया की किस प्रकार अंडर 15 में चयन न होने के कारण वह परेशान थे और उनके मन में आत्महत्या का विचार आ रहा था. कुलदीप ने कहा ,

” मेरे लिए वह समय बेहद ही कठिन था , आज मै पीछे मुड कर देखता हूँ तो समझ आता है कठिन समय हर किसी का होता है जो आपको निखारने में मदद करता है. लेकिन तब यदि मैंने कोई गलत कदम उठा लिया होता तो आज मैं इस मुकाम पर नहीं होता. “

 

दोस्तों , यदि हम अपने ब्लॉगिंग कैरियर को देखें तो हम सभी कठिन समय से गुजरते है हमारे लेख काफी समय तक रैंक नहीं होते, हमे ट्रैफिक नहीं मिलता, हम SEO ठीक से नहीं कर पाते या लोग हमारे लेख पर समय नहीं बिताते.

ऐसे में हमे निराश होने की बजाय अपने काम और गलतियों को सुधारने के बारे में सोचना चाहिये. निराश हो कर बैठ जाना या फिर छोड़ देना कोई विकल्प नहीं है , किसी भी काम को आप दिल से करेंगे तो एक दिन आप जरुर सफल होंगे. भारत के सफल ब्लॉगर्स जिन्हें भी आप Follow करते हैं उनमे से कोई भी रातो रात इस मुकाम पर नहीं पंहुचा है.

उन सभी की सफलता के पीछे कई सालों की मेहनत और संघर्ष छुपा है. यदि हम बात करें हर्ष अग्रवाल की तो भारत में हर्ष ने ब्लॉगिंग को अपना करियर तब चुना जब इसके बारे में अन्य लोगों ने सुना भी नहीं था जिसके बाद हर्ष ने कई चुनौतियों का सामना किया और अपने कार्य में सफल हुए.

आज हम सभी हर्ष को अपना आदर्श मानते है लेकिन यदि हर्ष ने भी उन चुनौतियों को स्वीकार करने की बजाय वहीं छोड़ दिया होता तो आज शायद हर्ष महीने के 32 लाख रूपये कमाने की जगह किसी कम्पनी में सीमित वेतन पर अपनी गुजर कर रहे होते.

उम्मीद करते है , कुलदीप यादव की इस कहानी से आपको जरुर प्रेरणा मिली होगी और आप भी अपने करियर में कुलदीप की तरह जरुर सफलता पायेगें,ये पोस्ट कैसी लगी आप हमें comment में बताये अगर बढ़िया लगे तो आप social media पर शेयर जरुर करे धन्यबाद |

Previous articleLog Jaldi Successful Blogger Kyu Nahi Ban/Ho Pate Hai,10 Effective reason
Next articleBlog Me Mashable Stylish Subscription Box Widget v2.0 Kaise Add Kare ?
मै Ravi Kumar, मै एक Teacher(math,Computer) हूँ,और साथ मे Internet Aur Technology पर Post लिखना मुझे पसंद है,मै फ्री-टाइम में AnyTechinfo.com पर Post डालता हूँ. आप सभी से request है इस साईट को सफल बनाने की मेरी कोशिश में अपना सहयोग दें. अगर आपको यह Post अच्छा लगा हो तो कृपया इसे Facebook And Other Social Media पर Share जरूर करें| आपका यह प्रयास हमें और अच्छे Article लिखने के लिए प्रेरित करेगा| AnyTechinfo.com को The best Hindi Blog बनाने के लिए बस आप लोग अपना साथ बनाए रखे और हमें सपोर्ट करते रहें.

16 COMMENTS

  1. हर इंसान चाहे वो कोई भी क्षेत्र में काम कर रहा हो उसे कभी न कभी कुछ मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना ही पड़ता है । कभी-कभी हमे ऐसा होता है कि हम परेशानी में फंस चुके होते हैं हमें समझ नही आता कि क्या करे?
    उस वक्त में ‘motivation’ की जरुरत होती है जो हमें कठिन परिस्थितियों में भी हमारे मन को शांत बनाने में कायम रखता है और हमे मुशकिलों से लड़ने के नए ताकत दिलाता है। so, आपकी भी same ‘motivation’ है।
    बहूत ही खुश हुआ आपकी यह लेख को पढ़कर ..
    इस great लेख को साझा करने के लिए thanks..!! 👍

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.