What is import Export Business And How To do it in Hindi ?

दोस्तों अगर आप business में interest रखते हैं और कम Time (समय) में अधिक Benefit(मुनाफा) कमाना चाहते हैं तो आपको import Export Business बारे में पता होना चाहिये। आजकल import Export Business करना काफी चलन में है, इस Business में आपको कम investment से अच्छी Benefit हो सकता है,

इस क्षेत्र में जाने के बाद अच्छी कमाई तो होती ही है साथ ही कई दूसरे देशो में घूमने और उन्हें जानने का मौका भी मिलता है, Business शुरु करने से पहले लोग काफी सोच-विचार करते हैं, Business के Profit-Loss को सोचने से पहले Registration और Licence बनवाने को लेकर confusion में रहते हैं,

इसीलिए आज हम आपको AnhTechInfo पर import Export Business Related सारी जानकारी देंगे।अगर आप import Export Business क़े बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी चाहते हैं तो कृपया इस पोस्ट को शुरू से लेकर अंत तक पढ़े उम्मीद करता हूं की ये पोस्ट पढ़ने के बाद आपको Export Import की जानकारी के लिए कहि और नही जाना पड़ेगा।

What Is import Export Business In Hindi, import Export Business क्या है ?

import Export Business काफी profit वाला होता है क्योंकि यह लंबे Time (समय) तक चल सकता है। अगर आप ये बिज़नेस करते हैं तो इस से कई लोगों को रोजगार भी मिलता है। import Export Business में सामान्तय बाहरी देशों से अपने देश में माल मंगवाने को और अपने देश से बाहरी देशों में माल भेजने को कहते हैं।

इसमें बाहर देशों से माल खरीदकर अपने देश में customers को बेचा जाता है और अपने देश में उत्पादित माल का दूसरे देश अपने लोगों को बेचते हैं। import Export Business में अधिकतर हम उन सामानों का Import करते है जिनका हमारे देश में काम उत्पादन है और मांग ज्यादा है।

वहीं, जिन उत्पादों का हमारे देश में ज्यादा उत्पादन होता है और कीमत कम होती हैं उसे हम ऐसे देशो में बेचते है जहाँ इनका उत्पादन कम होता हैं लेकिन मांग और दाम दोनों ज्यादा रहता हैं। Import में हम दूसरे देशों से कम कीमत में सामान खरीदकर अपने देश में ज्यादा कीमत में बेचते हैं और Export में दूसरे देशों मे अपने देश से सामान खरीदकर वहा अच्छे फायदे में बेचते हैं।

Register Your Business in India for Import Export In Hindi, India Me import Export Business Registration कैसे करवाए ?

भारत में किसी भी Business क़ो शुरू करने से पहले आपको अपना व Business Register करना होगा। आपको फर्म / एलएलपी या कंपनी के तहत Registration करना होगा इसलिए हर Business का निर्माण आपकी requirements पर Depend करता है।

प्रत्येक business type of formation की अपनी विशेषताएं हैं, ताकि आप अपनी आवश्यकताओं के अनुसार अपना Business Register कर सकें.चलिये आपको हम business formation क़े बारे में विस्तार पूर्वक बताते हैं

###1 Solo Firm Registration: – जब आप आयात या निर्यात व्यापार में अपने विचार का परीक्षण करना चाहते हैं और एक और बेहतरीन बात यह है कि आप फर्म के एकमात्र मालिक हैं जो व्यापार पर नियंत्रण करते हैं तो मूल रूप से आपको Solo Firm Registration सबसे अच्छा है।

import Export Business के रूप में VAT/CST and IEC Code जैसी फर्म के रूप में केवल TAX Registration की आवश्यकता होती है, ताकि इसकी संरचना के कम लागत में किया जा सके। यहां तक कि आपको स्लैब आधार पर केवल Income TAX को अलग-अलग भुगतान करना होगा ताकि आप आसानी से अपने आयकर को बचा सकें।

###2 Partnership Firm: – Partnership Firm, Sole Proprietorship Firm है लेकिन इसमें आपको इसकी बजाय कम से कम 2 Partner की आवश्यकता होती है। इसका Business में unlimited liablity है लेकिन Partner के साथ import Export Business में आपके विचारों को जांचने के लिए Best है।

इसके लिए सिर्फ एक साझेदारी डीड का मसौदा तैयार करना है और Firm के नाम पर एक मौजूदा बैंक खाता खोलना होगा, उसके बाद आपको VAT/CST and IEC Code के लिए आवेदन करना होगा।

###3 Private Limited Company – Private Limited Company में सबसे लोकप्रिय व्यापारिक रूप से एक है अधिकतम Big Export और importers Private Limited Company का चयन करें क्योंकि आप आसानी से Investors के माध्यम से Funds को सिर्फ बैंक ऋण या अन्य Funding विकल्प के बजाय कंपनी के शेयरों की अनुमति दे सकते हैं। अन्य महान विशेषता व्यापार में सीमित देयता है। 60% Legal Entity Private Limited Company के साथ जाती है।

###4 LLP: – LLP Registration Business करने का सबसे अच्छा तरीका है जब आपके पास साझीदार और आपका बजट तंग है लेकिन आप कंपनी की विशेषताओं का आनंद लेना चाहते हैं । LLP में सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह सीमित देयता है। यहां तक कि LLP में भी आप एक LLP के तहत कई व्यवसाय कर सकते हैं।

इसकी केंद्रीय सरकार (MCA) के साथ Registered है और दूसरे देश में भी मान्य है। यदि आप आयात निर्यात के दौरान बड़ी कंपनियों से निपटना चाहते हैं तो एलएलपी के साथ जाना चाहिए। अमेरिका (संयुक्त राज्य) में इसका नाम LLC (Limited Liability Corporation).

अब सवाल उठता है कि आप import Export Business के लिए अपनी Legal Entity को Register कर सकते हैं – इसके लिए आपको अपने नजदीकीे स्थानीय सीए / सीएस / वकील को Hire कर सकते हैं.

###5 Apply for IEC Code – ये बात तो आप जानते ही होंगे कि मूल रूप से भारत में किसी भी Type के import Export Business करने के लिए IEC ( Import Export Code) Registration Number की आवश्यकता है। इसलिए Business Registration के बाद आपको IEC Code के लिए आवेदन करना होगा।

इस Code में 10 अंक कोड शामिल हैं, जो Director General of Foreign Trade, Government of India या Ministry of Commerce से भारतीय कंपनियों को जारी किए जाते हैं। सरकार को सभी आवश्यक दस्तावेजों को भेजने से आपको IE code को आसानी से प्राप्त होने में सहायता मिल सकती है। आप online भी आईईसी के लिए Apply कर सकते हो।

###6 Document Requirements : Export Import Business Me Kin Document Ki Jarurat Hai ? जैसा कि ये पोस्ट शुरुआत करने वाले लोगों के लिए है इसलिए हम यहां आपको personal Registration के लिए required documents के बारे में बता रहे हैैं।

Proprietorship – फोटो (3 × 3); पैन कार्ड कॉपी; आईडी प्रमाण (पासपोर्ट / मतदाता आईडी / ड्राइविंग लाइसेंस / आधार कार्ड); पता प्रमाण + बिजली बिल या टेलीफोन बिल; बैंक प्रमाणपत्र

  • >>
  • >>

How to Submit Online IEC Application Form In Hindi , IEC Application को ऑनलाइन Submit कैसे करे import Export Business के लिए |

सबसे पहले, Above Mentioned सभी दस्तावेजों की Digital Copies रखें। फिर DGFT Portal पर अपना IEC application form भरने और Submit करने के लिए इस Link [ http://164.100.78.104:8080/dgftiec ] पर क्लिक करें ।

Application Form को Access करने के लिए आपको सबसे पहले एक Valid PAN card Number दर्ज करना होगा। एक बार जब आप ऐसा करते हैं, तो आपको एक नया IEC application बनाने या मौजूदा एक खोलने के लिए कहा जाएगा। आप किसी IEC application को बंद कर सकते हैं या लंबित IEC application की स्थिति की जांच कर सकते हैं।

IEC Master document तक पहुंचने के बाद, आपको बहुत सारे विवरण जैसे कि स्थान, बैंक खाता और पैन विवरण, firm establishment date आदि भरना होगा। इस Time (समय) आपको 250 रुपये की Fees का भुगतान करने के लिए कहा जाएगा। । आप SBI, ICICI, HDFC , आदि जैसे designated bank से electronic funds transfer के जरिए भुगतान कर सकते है।

इसके बाद आपको “Upload Document” के लिए एक स्क्रीन मिलेगी, यहां पर आपको प्रत्येक online IEC application Required दस्तावेज़ की एक digital copy upload करनी।

एक बार आपके आवेदन को पूर्ण रूप से पूरा करने के बाद, आपको complete IEC application form , Print करने और उसे specific DGFT office में जमा करने का विकल्प मिलेगा जो आपके business location को cover करता है। एक बार जब आप submit button को दबाएंगे तो आपको एक Last Screen मिलेगी जो आपको Ecom Ref. No , आपकी कंपनी का नाम, DGFT office के बारे में बताएगी। जिस पर processing के लिए आपके द्वारा आवेदन जमा किया गया है।

आपके online IEC application form को पूरा करने और DGFT से 10 अंकों का Code प्राप्त करने के लिए आपको यह सब करना होगा। ध्यान दें कि IEC applications के processing को two working days, में पूरा किया जाना चाहिए, जिसका मतलब है कि आप इसे 3 दिन या अधिकतम एक सप्ताह में प्राप्त कर सकते हैं।

तो दोस्तों ये हो गई IEC Application Form को submit करने की process , लेकिन आपका काम अभी यहीं नहीं ख़तम होगा इसलिए इस पोस्ट को आगे पढ़ते रहे। अगर आप बोर हो रहे हैं तो एक Cup चाय जरूर पी लें ।

  • >>
  • >>

Apply for VAT and TIN Registration In Hindi, VAT और TIN Registration Apply कैसे करे import Export Business के लिए |

retailers and manufacture के लिए भारत में माल बेचने के लिए VAT and CST or Sales Tax or TIN Registration आवश्यक है। इसलिए Business Registration और IEC Code Apply करने के बाद आपको अपने राज्य सरकार से VAT Registration के लिए आवेदन करना होगा।

VAT एक अप्रत्यक्ष कर है, इसलिए उसके नियम और regulations अलग अलग states में अलग अलग हो सकते हैं। यहां तक कि कुछ राज्यों में भी security concept है, इसलिए वहां ये थोड़ा Expensive हो सकता है।

नोट: – VAT or TIN को GST Registration में परिवर्तित कर दिया गया है, इसलिए अब आप GST Registration. के लिए सीधे आवेदन कर सकते हैं।

Hire a Custom Clearing Agent – आपको expert customs clearing agent नियुक्त करने की आवश्यकता है। वह port पर clearing the batch को clear करने में आपकी सहायता कर पाएगा। port में कई खर्चों की गणना भी महत्वपूर्ण है, जो एक एजेंट की ज़िम्मेदारी है। इन खर्चों में handling charge, customs duty, transportation charges और बहुत कुछ शामिल हैं।

Use your own freight forwarder – एक freight forwarder or forwarding agent को NVOCC ( non-vessel operating common carrier ) के रूप में भी जाना जाता है, यह एक ऐसा व्यक्ति या कंपनी है जो व्यक्ति या निगमों के लिए विदेशों में निर्माता से सामान आयात करने के लिए आपके स्थान पर विदेशों में सामान आयात करने के लिए point to point shipments को प्रबंधित और व्यवस्थित करता है।

कुछ सुझाव जो भारत में import Export Business के लिए आवश्यक हैं: –

  • Business Current Account के पास एक स्विफ्ट कोड होना चाहिए है।
  • अलिबाबा या अन्य वेबसाइट से प्रतिष्ठित प्रदाता खोजें। अपनी कंपनी के नाम पर Raise Purchase Order (PO) होना चाहिए ।
  • खरीद ऑर्डर और चालान राशि समान होने चाहिए।
  • shipping लिए आपको third party को hire करना चाहिए।

Thats All For Today उम्मीद करता हूं कि आप को ये आर्टिकल import Export Business Kaise Karen Puri Jankari पसंद आया होगा।

हेल्लो दोस्तों कैसा लगा हमारा ये post आप हमें निचे  Comment Box में बताये,अगर आपको हमारा पोस्ट पसंद आया हो तो इससे आप social media पर share जरुर करे,article के पहले और बाद में शेयर button लगा रखा है,हमारे new पोस्ट का notification पाने के लिए Bell Icon जरुर press करे,और कोई भी  miss न हो इसके लिए Newslater जरुर subscribe कर ले ताकि हमारी सभी पोस्ट Free में आपको email पर मिल जाये |

आप हमारे पोस्ट को इतने प्यार से पढ़ते है इसके लिए दिल से धन्यबाद, मै जनता हु आपके प्यार के सामने  Thank you बहुत छोटा word है,मुझे उम्मीद है आपने मुझे Facebook,   Twitter,     Instagram,    Youtube,     Linkedin,    Email Newslater,     Telegram,   पर Followe कर रखे है,आप अपना कीमती समय दिए इसके लिए फिर से धन्यबाद |

सबसे ज्यादा आप उसे खुश रखो जिसे आप हर रोज आईने में देखते हो |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.